24अक्टूबर 2025 :को एक दिलचस्प खबर सामने आई। दिल्ली के एक ऐप डेवलपर ने JioHotstar डोमेन खरीदा है। यह डेवलपर रिलायंस इंडस्ट्रीज से उम्मीद कर रहा है कि वे उसकी उच्च शिक्षा के लिए फंडिंग करेंगे।
इस डेवलपर का नाम अभी तक सार्वजनिक नहीं हुआ है। उसने बताया कि उसने यह डोमेन इसलिए खरीदा क्योंकि उसे उम्मीद थी कि रिलायंस JioCinema और Disney+ Hotstar का मर्जर करेगा। इस मर्जर की खबरें पहले से ही चल रही थीं। डेवलपर ने सोचा कि अगर यह मर्जर होता है, तो वह इस डोमेन को बेचकर अपनी पढ़ाई के लिए पैसे जुटा सकता है।
मर्जर की संभावनाएं
हाल ही में एक दिल्ली के ऐप डेवलपर ने खबरों में जगह बना ली है, जब उन्होंने जियोहॉटस्टार डोमेन नाम खरीदा। यह डेवलपर, जो अपनी पहचान गुप्त रखना चाहता है, ने यह डोमेन इस उम्मीद में खरीदा कि रिलायंस जियोसिनेम और डिज्नी+ हॉटस्टार के बीच मर्जर हो सकता है। इस खरीद का उद्देश्य था कि इस संभावित मुनाफे का इस्तेमाल कर वे अपनी उच्च शिक्षा के खर्चे को पूरा कर सकें।
रिलायंस JioCinema और Disney+ Hotstar के मर्जर की खबरें काफी समय से चल रही थीं। डेवलपर ने बताया कि उसने 2023 की शुरुआत में यह डोमेन खरीदा था। उस समय Disney+ Hotstar अपने IPL स्ट्रीमिंग लाइसेंस को खो चुका था और यूजर्स की संख्या में गिरावट आ रही थी।
वेबसाइट jiohotstar.com पर पोस्ट किए गए एक पत्र में, डेवलपर ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के अधिकारियों को अपनी खरीद के पीछे की वजह बताई। उन्होंने बताया कि उन्होंने 2023 की शुरुआत में समाचार में देखा था कि डिज्नी+ हॉटस्टार ने आईपीएल स्ट्रीमिंग लाइसेंस खोने के बाद अपने दैनिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं को खो दिया था और डिज्नी इसे भारतीय प्रतिस्पर्धी के साथ बेचने या मर्ज करने पर विचार कर रहा था। इससे उन्हें यह धारणा हुई कि रिलायंस जियोसिनेम हॉटस्टार को खरीद सकता है और इसका नाम जियोहॉटस्टार रख सकता है।
डेवलपर की योजना
डेवलपर ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के अधिकारियों को अपनी खरीद के पीछे की वजह बताई। उन्होंने बताया कि उन्होंने 2023 की शुरुआत में समाचार में देखा था कि डिज्नी+ हॉटस्टार ने आईपीएल स्ट्रीमिंग लाइसेंस खोने के बाद अपने दैनिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं को खो दिया था और डिज्नी इसे भारतीय प्रतिस्पर्धी के साथ बेचने या मर्ज करने पर विचार कर रहा था। इससे उन्हें यह धारणा हुई कि रिलायंस जियोसिनेम हॉटस्टार को खरीद सकता है और इसका नाम जियोहॉटस्टार रख सकता है।
डेवलपर ने बताया कि उसने यह डोमेन इसलिए खरीदा ताकि वह इसे रिलायंस को बेच सके। उसने रिलायंस इंडस्ट्रीज को एक पत्र भी लिखा है। इस पत्र में उसने अपनी योजना और उम्मीदों का जिक्र किया है। उसने लिखा कि अगर रिलायंस इस डोमेन को खरीदता है, तो वह अपनी पढ़ाई के लिए पैसे जुटा सकेगा।
उच्च शिक्षा का सपना
डेवलपर ने लिखा, “यह डोमेन खरीदने का मेरा उद्देश्य सरल था: अगर यह मर्जर होता है, तो शायद मैं अपने केंब्रिज में पढ़ने के सपने को पूरा कर सकूं”। उन्होंने आगे बताया कि उन्होंने 2021 में केंब्रिज यूनिवर्सिटी एक्सेलेरेट प्रोग्राम में भाग लिया था, जो उनके लिए एक परिवर्तनकारी अनुभव था।डेवलपर का सपना है कि वह कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करे। उसने बताया कि 2021 में वह कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के एक प्रोग्राम में शामिल हुआ था। यह प्रोग्राम उसके लिए बहुत ही महत्वपूर्ण था। उसने बताया कि वह IIT में नहीं जा सका, लेकिन कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के इस प्रोग्राम ने उसे बहुत कुछ सिखाया।
रिलायंस की प्रतिक्रिया
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। लेकिन डेवलपर को उम्मीद है कि रिलायंस उसकी बात सुनेगा और उसकी मदद करेगा।
हालांकि, रिलायंस इंडस्ट्रीज ने डेवलपर की उच्च शिक्षा के लिए फंडिंग की मांग को ठुकरा दिया है। रिलायंस के एक अधिकारी, अम्बुजेश यादव, ने डेवलपर से संपर्क किया और उन्हें सूचित किया कि उनके £93,345 (लगभग ₹1 करोड़) की मांग को मना कर दिया गया है। रिलायंस ने डेवलपर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का फैसला किया है।
कानूनी मुद्दे
डेवलपर ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा, “जब मैंने 2023 में इसे खरीदा, तब जियोहॉटस्टार नाम का कोई ट्रेडमार्क नहीं था, इसलिए मुझे नहीं लगता कि मैंने किसी ट्रेडमार्क का उल्लंघन किया”। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें कुछ ही घंटों में डोमेन का एक्सेस अपने आप खो सकता है और उन्होंने कानूनी मदद मांगी।
HindiMorning.com ने इस खबर पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं दी हैं, कुछ ने डेवलपर के कदम को मज़ेदार पाया है और कुछ ने इस तरह के बड़े मर्जर के पहले डोमेन खरीदने की कानूनी जटिलताओं पर बहस की है। इस वर्ष की शुरुआत में विनियामक अधिकारियों द्वारा वायकॉम18 और स्टार इंडिया के बीच मर्जर को मंजूरी मिल गई थी, जिससे इन दोनों स्ट्रीमिंग प्लेटफार्मों को एक ब्रांड के तहत समेकित किया जाएगा।
“एक सपने देखने वाले” के रूप में हस्ताक्षरित डेवलपर ने उम्मीद जताई कि रिलायंस उनकी मांग पर पुनर्विचार करेगा और उन्हें केंब्रिज में पढ़ने का सपना पूरा करने में मदद करेगा। उन्होंने सभी का आभार व्यक्त किया जिन्होंने शेयर और समर्थन भेजा, लेकिन स्वीकार किया कि उनके पास रिलायंस के खिलाफ खड़ा होने की ताकत नहीं